इस वर्ष होली पूर्णिमा 3 मार्च को है, परंतु चंद्र ग्रहण होने के कारण होलिका पूजन एवं दहन का श्रेष्ठ मुहूर्त

🕉️ होली पर्व – विशेष सूचना 🕉️
इस वर्ष होली पूर्णिमा 3 मार्च को है, परंतु चंद्र ग्रहण होने के कारण होलिका पूजन एवं दहन का श्रेष्ठ मुहूर्त निम्न प्रकार रहेगा —

🔥 होलिका दहन
📅 2 मार्च (फाल्गुन शुक्ल पक्ष चतुर्दशी)
🕕 सायं 6:36 बजे से रात्रि 9:00 बजे के मध्य (प्रदोष बेला में)
📖 भगवान श्री सत्यनारायण जी का व्रत एवं कथा
➡️ 2 मार्च को ही करना श्रेष्ठ रहेगा।

🌒 3 मार्च
 • प्रातः 6:15 बजे से सूतक प्रारंभ
 • संध्या 6:47 बजे ग्रहण एवं सूतक समाप्त
 • ग्रहण दिवस में होली खेली जा सकती है।
 • ब्रह्म मुहूर्त में भी होलिका दहन का प्रावधान सनातन पंचांग अनुसार
वृंदावन के प्रसिद्ध आचार्यों द्वारा मंथन उपरांत बताया गया है।
🌸 पड़वा (प्रतिपदा)
📅 3 मार्च सायं 7:00 बजे से प्रारंभ
➡️ 4 मार्च संध्या लगभग 6:30 बजे तक
✅ अतः पड़वा 4 मार्च को मान्य होगी।

🌼 द्वितीया (दोज)
📅 5 मार्च
🕔 संध्या 5:15 बजे तक
✅ अतः दोज 5 मार्च को मनाई जाएगी।


✨ इस प्रकार होली पर्व का आयोजन करना सर्वश्रेष्ठ रहेगा:

1️⃣ 2 मार्च – होलिका दहन (सायं 6:36 से 9:00 बजे तक)
2️⃣ 3 मार्च – ग्रहण (होली खेल सकते हैं)
3️⃣ 4 मार्च – पड़वा
4️⃣ 5 मार्च – दोज

राधे राधे 🙏
आचार्य प्रदीप दीक्षित

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